सभी माता-पिता का ख्वाब होता है कि उनकी बेटी की शादी सरकारी नौकरी वाले युवक के साथ हो। अब विश्वास हो कि हां नौकरी लग ही जाएगी, तो भला कौन अपनी बेटी की शादी ऐसे युवक से न कराएगा। लेकिन बिहार में STET-2019 Result ने जो पेंच फंसाया है, उससे भागलपुर के एक नव दंपत्ति के जीवन में तनाव बढ़ गया है।
भागलपुर शहर के एक प्रतिष्ठित सांगठनिक विद्यालय में बतौर शिक्षक सेवा दे रहे एक युवक की शादी एसटीईटी-2019 क्वालीफाई करने के बाद तय हुई। दरअसल, 12 मार्च को जारी हुए रिजल्ट के बाद भागलपुर का एक युवक सरकारी शिक्षक बन जाएंगे, ऐसा सोचते हुए लड़की वालों ने कदम आगे बढ़ाया। इसके बाद उस युवक की शादी मई में हुई। शादी में लड़की पक्ष ने लड़का पक्ष को काफी उपहार भी दिए थे। धूमधाम से शादी हुई। वर और बारातियों का खूब स्वागत हुआ था।
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ये रही तनाव का कारण:-
12 मार्च को जब एसटीईटी का रिजल्ट जारी हुआ तो लड़की पक्ष के लोगों को लगा कि इनकी नौकरी प्लस टू स्कूल में लग जाएगी। क्वालीफाई तो कर ही गए हैं। सरकारी स्कूल के शिक्षक बनने के बाद लड़की का भविष्य बेहतर रहेगा। यह सोच कर शादी तय कर दी। लेकिन शादी के बाद युवक की सरकारी नौकरी पर ग्रहण उस समय लगता दिखाई पड़ा रहा है, जिस समय उन्हें नॉट इन मेरिट लिस्ट पोजीशन इन के रिजल्ट में आ गया।
ऐसे में लड़की के घर वाले भी लगातार युवक से सवाल-जवाब कर रहे हैं। चिंतित युवक उन्हें समझा भी रहे हैं कि सातवें चरण के तहत उनकी बहाली पूरी होगी। लेकिन वधु पक्ष के लोग हैं कि मानने को तैयार नहीं। वे संशय में हैं। बिहार के कई ऐसे शिक्षक अभ्यर्थी हैं, जिनकी शादी इसी बात पर हुई थी। ऐसे में उनके शिक्षक बनने का ख्वाब कब पूरा होगा, ये सवाल है। हालांकि, शिक्षा विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है।
12 मार्च को जारी हुए STET-2019 Result के बाद हुई थी शादी।
STET-2019 Result जब 12 मार्च को जारी हुआ तो भागलपुर के एक युवक के सरकारी टीचर बनने की तस्वीर साफ हुई। यही कारण था कि एक पिता ने अपनी बेटी की शादी उनसे करा दी। बाद में जारी हुए रिजल्ट ने अब ससुराल वालों को संशय में डाल दिया है।
दरअसल, बिहार में एसटीईटी के जारी हुए रिजल्ट में मेरिट लिस्ट भी संलंग्न रही। इसमें क्वालीफाई कई अभ्यर्थियों, जिनके नंबर अच्छे थे बावजूद इसके उन्हें मेरिट लिस्ट से बाहर रखा गया था। इसको लेकर बिहार की सियासत भी गर्मा उठी और अभ्यर्थियों की चिंता भी बढ़ गई।
लेटेस्ट अपडेट: सभी के लिए सुकून भरी खबर
शिक्षा विभाग की ओर से जारी मेरिट लिस्ट की वजह से बना संशय अब खत्म हो गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) में पास होने वाले सभी अभ्यर्थी शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में भागीदार बन सकेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से औपचारिक तौर पर आदेश जारी कर दिया गया है।
जो उम्मीदवार पास होने के बावजूद मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना सके हैं, वे भी शिक्षक नियोजन प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। शिक्षक पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्र की वैधता पहले ही लाइफटाइम यानी आजीवन कर दी गई है। शिक्षा विभाग के उप सचिव अरशद फिरोज ने इस संबंध में सूचना जारी कर दी है।
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