भारत के संविधान में दर्ज राजभाषा

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👉संविधान के अनुच्छेद 343 से 351 में राजभाषाओं का वर्णन किया गया है। संविधान की आठवीं सूची में 22 भाषाएं हैं। संविधान में क्षेत्रीय भाषाओं का भी वर्णन किया गया है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय भाषाओं को राजभाषा आयोग में प्रतिनिधित्व दिया जाना है।

👉भारतीय संविधान में दर्ज की गई राजभाषाएं इस प्रकार हैं-

❇️असमिया – असम

❇️बंगला – पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, बांग्लादेश

❇️गुजराती – गुजरात

❇️हिंदी-उत्तर-मध्य व भारत के विभिन्न भागों में

❇️कन्नड़ – कर्नाटक

❇️कश्मीरी – कश्मीर

❇️कोंकणी – गो, केरल, उत्तरी कर्नाटक, दक्षिणी महाराष्ट्र

❇️मलयालम – टीएन, दक्षिणी-पश्चिमी केरल

❇️मणिपुरी – मणिपुर, असम, मिजोरम, त्रिपुरा

❇️मराठी – महाराष्ट्र,

❇️नेपाली – सिक्किम

❇️उड़िया – ओडिशा

❇️पंजाबी – पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान

❇️संस्कृत – कर्नाटक राज्य के मतूर गांव में

❇️सिंधी – गुजरात

❇️तमिल – टीएम, पुडुचरी

❇️उर्दू – तेलंगाना, जम्मू-कश्मीर

❇️तेलुगु – आद्र प्रदेश, तेलंगाना

❇️बोडो – उत्तर-पूर्व, नेपाल

❇️डोगरी – जम्मू-कश्मीर

❇️मैथिली – उत्तरी बिहार

❇️संथाली – असम, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, बिहार



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